Monday, 18 March 2019

*Pcod की समस्या में >महलाओं के लिए रामबाण ओषधि ~ सिद्ध कायाकल्प चुर्ण



       *Pcod की समस्या में*
       *महलाओं के लिए रामबाण ओषधि*
         *सिद्ध कायाकल्प चुर्ण*
       Online मंगवाए
      कायाकल्प चुर्ण

         एलोवेरा और गिलोय रस युक्त
*कायाकल्प चुर्ण आयुर्वेद की एक पुरानी तकनीक है जिसका प्रयोग दक्षिण भारत के संतो द्वारा जीवन में शक्तियों को बढ़ाने के लिए किया जाता था।*
           *कायाकल्प चुर्ण की सामग्री*
*गिलोय चूर्ण-100 ग्राम
*बेल चुर्ण    200 ग्राम
*अर्जुन छाल चूर्ण -100 ग्राम
* ब्रह्मा बूटी चूर्ण- 100 ग्राम
*शंखपुष्पी चूर्ण-100 ग्राम
*कलौंजी -100 ग्राम
*नसांदर -100 ग्राम
*आंवला चूर्ण 100 ग्राम
*छोटी हरड़ 100 ग्राम
*तुलसी पाचांग-100 ग्राम 
*चरायता चूर्ण 50 ग्राम
*अजमायण-50 ग्राम
*अपामर्ग -50 ग्राम
* जटामांसी -50 ग्राम
* सत्यनाशी -50 ग्राम
* काला नमक -50 ग्राम
*सेंधानमक -50 ग्राम
*मलॅठी-20 ग्राम
*सौंठ-20 ग्राम
*काली मिर्च -10 ग्राम
*ऐलोवैरा रस -500 ग्राम
सभी चूर्ण को 1 किलोग्राम एलोवेरा रस और 400 ग्राम गिलोय रस में मिलाकर
सांय मे सुखाय ।
जब सुख जाए तब आप का काया कल्प
चूर्ण बनकर तैयार हो गया है ।
सेवन विधि - 3 बार दूध से 2 ग्राम (एक चम्मच)
उपयोग करे।

         *45 से 90 दिन उपयोग करे*
        *21 दिन में आप अच्छे होने लगेंगे।*
                         ★★★
*पॉलीसिस्टिक ओवेरियन        सिंड्रोम की जानकारी*
इस रोग से ग्रस्त महिलयों की ओवारीस में बहुत सारी सिस्ट्स (cysts) अर्थात की झिल्लियाँ पाई जाती हैं।
ये झिल्लियाँ अगर बढ़ कर तैयार अंडकोषों के ऊपर भी बन जाएँ तो इससे मासिक स्राव में रुकावट और बांझपन की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है।
माना जाता है की जो स्त्रीयाँ बहुत अधिक तनावग्रस्त होती हैं या फिर जो रात्रि में ठीक से सो नही पाती है।
उनमें इंसुलिन हॉर्मोन के असंतुलन के साथ-साथ यह बीमारी होने की संभावना भी अधिक होती है.।
पॉलीसिस्टिक ओवेरियन        सिंड्रोम के कुछ लक्षण
समय पर मासिक धर्म का न आना, बालों का झड़ना और मुँह, कमर, पेट, हाथ, व पैरों पर अधिक बालों का उगना ,चेहरे पर मुहांसों का होना, भावनात्मक उथल-पुथलवज़न का बढ़ना, अनुर्वरता
           कुछ ज़रूरी सुझाव
दिन में 5-6 बार मौसमी ताज़ा फलों ख़ास तौर पर जिनसे शरीर में मीठा अधिक ना बढ़े (चकोतरा, टमाटर, आड़ू, सेब) का सेवन करें.
★यदि आपका मॅन अप्रसन्न रहता है तो ध्यान प्राणायाम और रुचिकार कार्य करने प्रारंभ करें।
अवसाद के रहते यह बीमारी ठीक नही हो पाती।
★देसी गाय के दूध से बने घृत का सेवन करना आवश्यक है।
★घृत कुमारी को सब्जियों में मिलाकर (गोभी, प्याज़) और इसका जूस दिन में एक बार अवश्य लें।
★अधिक चीनी युक्त भोजन और मिठाइयों का सेवन न करें।
★साथ ही तले हुए, मैदा युक्त पदार्थों का सेवन भी अहितकर सिद्ध होगा।
         * सिद्ध कायाकल्प चुर्ण*
            *ऑनलाइन मंगवाए*
         *Whats 94178 62263*
           *Call 89680 42263*

सिद्ध शक्तियोग कल्पचुर्ण- शारीरिक हार्मोन असंतुलन की कारगर आयुर्वेदिक औषधि



             *शारीरिक हार्मोन असंतुलन*
            *की कारगर आयुर्वेदिक औषधि*

          ★ *सिद्ध शक्तियोग कल्पचुर्ण* ★
   
*40 साल के महिला और पुरूष यह जानकारी *जरूर पढ़ें आप के लिए यह जानकारी*
*महत्वपूर्ण है।*

      *सिद्ध शक्तियोग कल्पचुर्ण*

अश्वगान्ध          200 ग्राम
कौंचबीज बीज  100 ग्राम
बेल चुर्ण           100 ग्राम
आवला चुर्ण     100  ग्राम
तुलसी बीज     100  ग्राम
कीकर फली     100  ग्राम
सतावरी           100  ग्राम
सफेद मूसली    100  ग्राम
गिलोय              50 ग्राम
बड़ दूध             50 ग्राम
मुलहठी            50 ग्राम
चरायता            50 ग्राम
हल्दी                50 ग्राम
सोंठ                 50 ग्राम
काली मिर्च       50 ग्राम
लोह भस्म        50 ग्राम
सौंफ                50 ग्राम
निर्गुन्डी            25 ग्राम
त्रिवृत               25 ग्राम
पिप्पली            25 ग्राम
लवंग                25 ग्राम
वच                   25 ग्राम
कुष्ठ                  25 ग्राम

*सभी को चुर्ण बनाए और 400 ग्राम गिलोय रस में भावना दे। फिर  धूप में सुखाकर औऱ सुबह शाम दूध के साथ ले।*

यह आप खुद बना सकते हैं।
आप online भी मंगवा सकते हैं
Whats 94178 62263

★★★
हार्मोन असुंतलन जानकारी
बहुत बार किशोरावस्था में हार्मोन असुंतलन हो जाते हैं।

नोजवान भी ध्यान दे।

किशोरावस्था में आने वाले बच्चे को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उन सब महत्वपूर्ण चुनौतियों में से एक है हार्मोनल स्राव के कारण होने वाले शारीरिक परिवर्तन, जो कि एक बच्चे को यौवन में कदम रखने में मदद करते हैं। यह एक बहुत ही नाजुक अवधि होती है जहां वे वयस्क जैसा होने की आशा रखते हैं, जबकि उनका शरीर और मन अब भी पर्याप्त परिपक्व नहीं हुआ होता है। उनका व्यवहार और मूड हर मिनट बदलता रहता है और उनके व्यवहार के लिए होर्मोन्स को दोषी माना जाता है।

★★★


*क्या होता है जब हार्मोन्स( शरीरक बदलाव)*
*असुंतलन होते हैं*

बिना कारण के मूड बदलना,लड़कियों में अनियमित पीरियड,अचानक वजन बढ़ना,लड़कों में स्तन विकास
,लगातार सिरदर्द,डिप्रेशन,जी मिचलाना,मुँहासे,साइनस समस्याएं,पीठ दर्द,आक्रामकता,शरीर पर अत्यधिक बाल उगना,
इन दोषों पर माता पिता जरूर ध्यान दे।

★★★
40 साल के ऊपर जब हार्मोन्स असुंतलन होते हैं तो ऐसे लक्षण पाए जाते हैं।


हार्मोन महिलाओं के अच्छे स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जब हार्मोन के स्तर में अस्थिरता होती है, तो उसका सीधा प्रभाव पड़ता है जिससे मूड बदलता है ,डिप्रेशन हो सकता है और वह आपकी यौन इच्छा, ओवुलेशन और प्रजनन क्षमता को भी प्रभावित कर सकता  हैं।


कई बार शारीरिक हार्मोनल असंतुलन के कारण  कुछ हार्मोन का उत्पादन ज़्यादा या कम हो जाता है। अकसर  हम शरीर द्धारा भेजे संकेतों पर ज़्यादा ध्यान नहीं देते है और इससे स्थिति बदतर हो जाती है।

इसलिए,हार्मोन असंतुलन का संकेत देने वाले कुछ सामान्य लक्षण जानना आवश्यक है, और अगर यह लक्षण कुछ दिनों में नहीं जाते तो जल्द से जल्द डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

★★
वजन बढ़ना :

पेट के निचले हिस्से में या जांघों में वजन बढ़ना यह संकेत देता है कि एड्रेनल ग्लैंड द्धारा कोर्टिसोल हार्मोन ज़्यादा स्रावित होने से इंसुलिन के स्तर (खून  से जारी होने वाला) में वृद्धि हो जाती है।  यह ब्लड शुगर के स्तर को प्रभावित करता है और दिल से संबंधित बीमारियों को जन्म दे सकता है।
★★

बालों का झड़ना :

एक दिन में 100 से 200 से ज़्यादा बाल टूटना बहुत खतरनाक है। डीहैड्रो-टेस्टोस्टेरोन हार्मोन के असंतुलन से अत्यधिक बाल टूटते है।

★★
गर्भावस्था के बाद नींद में गड़बड़ी होना :

नींद पूरी न होना एक बहुत ही आम समस्या है, लेकिन गर्भावस्था के बाद यह  महिलाओं में एक बड़ी संख्या में होती देखी जाती है । ऐसा प्रोजेस्टेरोन  ( एक हार्मोन जो आराम प्रदान करने वाले गुणों का है) में कमी होने के कारण होता है। गर्भावस्था के बाद  प्रोजेस्टेरोन में गिरावट होने से आप बेचैन महसूस कर सकती है और आपकी नींद को प्रभावित कर सकता है।

★★
योनि में सूखापन:

रजोनिवृत्ति (मीनोपॉज) की शुरुआत के साथ, एस्ट्रोजन का स्तर कम होने के कारण योनि में सूखापन हो जाता है ।यह यौन गतिविधि को असहज या दर्दनाक कर सकता  हैं।
★★

डिप्रेशन:

क्या आपको बिना किसी कारण  उदास लगता है और वह भी बहुत बार? यह हार्मोनल असंतुलन का संकेत हो सकता है। जब थायराइड हार्मोन का स्राव बढ़ जाता है, तब यह होता है।

★★★

पसीना:

अगर आप 40 से ऊपर हैं और बहुत पसीना आता है, तो खबरदार रहें। यह रजोनिवृत्ति (मीनोपॉज) की शुरुआत के कारण हो सकता है। एंडोक्राइन सिस्टम को प्रभावित करने वाले सेरोटोनिन हार्मोन के असंतुलन के कारण अत्यधिक पसीना आ सकता है।
★★

चीनी खाने की लालसा :

लगातार मीठा भोजन खाने की इच्छा होना हार्मोनल असंतुलन का संकेत है जिसके कारण थायराइड या मधुमेह हो सकता है।

★★

लगातार भूख लगना :

अगर आपको मुख्य भोजन लेने के बाद भी भूख लगती है, तो यह हार्मोन घ्रेलिन की वजह से हो सकता है (जो हमारी भूख के लिए जिम्मेदार है)।

ओक्सिनटोमोडयूलिन  और लेप्टिन जैसे  हार्मोन भूख को कम करते हैं । इन हार्मोन के असंतुलन से आपको हर समय भूख महसूस होती है।

★★

लगातार थकान होना :

क्या आप सुस्त  या हर समय नींद आना महसूस करते हैं? थकान कभी न जाने वाली लगती है ? थायराइड हार्मोन के कारण हाइपोथायरायडिज्म भी इसके पीछे कारण हो सकता है।

★★

गैस और सूजन:

ज़्यादातर हल्की गैस और सूजन जीवन शैली कारकों की वजह से होता हैं लेकिन अगर यह स्थिर है तो यह एक अंतर्निहित हार्मोनल स्थिति हो सकती है। जब एस्ट्रोजन का स्तर अनियमित होता हैं, तो शरीर अधिक तरल पदार्थ बनाए रखने के कारण फूला हुआ महसूस होता है।


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गोखरू युक्त सिद्ध आयुर्वेदिक नुस्खे


सिद्ध आयुर्वेदिक

                *गोखरू युक्त सिद्ध आयुर्वेदिक नुस्खे*
                         *online मंगवाए*

गोखरू (Gokhru)– गोखरू का फल कांटेदार होता है और औषधि के रूप में काम आता है। 

बारिश के मौसम में यह हर जगह पर पाया जाता है।

                      *गोखरू नुस्खा 1*

 नपुंसकता रोग में गोखरू के लगभग 10 ग्राम बीजों के चूर्ण में इतने ही काले तिल मिलाकर 250 ग्राम दूध में डालकर आग पर पका लें। 

पकने पर इसके खीर की तरह गाढ़ा हो जाने पर इसमें 25 ग्राम मिश्री का चूर्ण मिलाकर सेवन करना चाहिए।

*सुबह शाम 2 बार उपयोग करे*
*21 दिन लगातार उपयोग करे*

1. इसका सेवन नियमित रूप से करने से नपुसंकता रोग में बहुत ही लाभ होता है।

2. शरीरक ,मानसिक और आत्मिक शक्ति का उदय होगा।




★★★

                      *गोखरू नुस्ख़ा 2*

गोखरू                         100 ग्राम
कौंचबीज काला               50 ग्राम
कीकर फल(बीज रहित)    50 ग्राम
सतावर                           50 ग्राम
तालमखाना                     50 ग्राम
अशगन्ध                         50 ग्राम
मिश्री।                          100 ग्राम

     *सभी को चूर्ण बना कर बंद डिब्बे में रखे*

*सेवन विधि :-*
                  *1 चमच्च सुबह 1चमच्च रात को मीठे दूध से 30 दिन तक सेवन करे।*

परहेज :-खट्टे पदार्थों से परहेज करें।

लाभ:- सेक्स कमजोरी, शीघ्रपतन, वीर्य का पतलापन, सेक्स की इच्छा की कमी, टाइम की कमी, तनाव की कमी और शरीरक कमजोरी में लाभदायक है।

          *online मंगवाए या खुद बनाए*
                 *सदा स्वस्थ रहे*

*whats 94178 62263*
*काल*     *89680 42263*



धातु पुष्टि कल्पचुर्ण चुर्ण


सिद्घ आयुर्वेदिक



             धातु रोग औऱ शीघ्रपतन
                 अयूर्वादिक  दवा
           
            *धातु पुष्टि कल्पचुर्ण चुर्ण*


      मसाने की गर्मी, पेट की गर्मी लाभदायक
     पुराने से पुराने धातु के रोग सपनदोष के लिए
                     कारगर नुस्खा
जाने :
            *धत रोग के लक्षण, उपाय,
             और अयूर्वादिक दवा*
★★
*आज के युग में अनैतिक सोच और अश्लीलता के बढ़ने के कारण आजकल युवक और युवती अक्सर अश्लील फिल्मे देखते और पढते है तथा गलत तरीके से अपने वीर्य और रज को बर्बाद करते है! अधिकतर लड़के-लड़कीयां अपने ख्यालों में ही शारीरिक संबंध बनाना भी शुरू कर देते है!*


जिसके कारण उनका लिंग अधिक देर तक उत्तेजना की अवस्था में बना रहता है, और लेस ज्यादा मात्रा में बहनी शुरू हो जाती है! और ऐसा अधिकतर होते रहने पर एक वक़्त ऐसा भी आता है! जब स्थिति अधिक खराब हो जाती है और किसी लड़की का ख्याल मन में आते ही उनका लेस (वीर्य) बाहर निकल जाता है, और उनकी उत्तेजना शांत हो जाती है! ये एक प्रकार का रोग है जिसे शुक्रमेह कहते है!


वैसे इस लेस में वीर्य का कोई भी अंश देखने को नहीं मिलता है! लेकिन इसका काम पुरुष यौन-अंग की नाली को चिकना और गीला करने का होता है जो सम्बन्ध बनाते वक़्त वीर्य की गति से होने वाले नुकसान से लिंग को बचाता है!

■■■

धात रोग का प्रमुख कारण क्या है?
अधिक कामुक और अश्लील विचार रखना!
मन का अशांत रहना!

अक्सर किसी बात या किसी तरह का दुःख मन में होना!

दिमागी कमजोरी होना!

व्यक्ति के शरीर में पौषक पदार्थो और तत्वों व विटामिन्स की कमी हो जाने पर!

किसी बीमारी के चलते अधिक दवाई लेने पर
व्यक्ति का शरीर कमजोर होना और उसकी प्रतिरोधक श्रमता की कमी होना!

अक्सर किसी बात का चिंता करना।
पौरुष द्रव का पतला होना।

यौन अंगो के नसों में कमजोरी आना।
अपने पौरुष पदार्थ को व्यर्थ में निकालना व नष्ट करना (हस्तमैथुन अधिक करना)।

            ★धात रोग के लक्षण क्या है?★
मल मूत्र त्याग में दबाव की इच्छा महसूस होना! 

धात रोग का इशारा करती है!

लिंग के मुख से लार का टपकना!

पौरुष वीर्य का पानी जैसा पतला होना!

शरीर में कमजोरी आना!

छोटी सी बात पर तनाव में आ जाना!

हाथ पैर या शरीर के अन्य हिस्सों में कंपन या कपकपी होना!

पेट रोग से परेशान रहना या साफ़ न होना, कब्ज होना!

सांस से सम्बंधित परेशानी, श्वास रोग या खांसी होना!
शरीर की पिंडलियों में दर्द होना!

कम या अधिक चक्कर आना!

शरीर में हर समय थकान महसूस करना!

चुस्ती फुर्ती का खत्म होना!

मन का अप्रसन्न रहना और किसी भी काम में मन ना लगना इसके लक्षणों को दर्शाता है!

★★★
नुस्खे

शतावरी मुलहठी ( Asparagus Liquorices ) :
50 ग्राम शतावरी, 50 ग्राम मुलहठी, 25 ग्राम छोटी इलायची के बीज, 25 ग्राम बंशलोचन, 25 ग्राम शीतलचीनी और 4 ग्राम बंगभस्म, 50 ग्राम सालब मिसरी लेकर इन सभी सामग्रियो को सुखाकर बारीक पिस लें!
पीसने के बाद इसमे 60 ग्राम चाँदी का वर्क मिलाएं और प्राप्त चूर्ण को (60 ग्राम ) सुबह-शाम गाय के दूध के साथ लें!

        ■धातु  पुष्टि कल्पचुर्ण■

कौंचबीज बीज 100 ग्राम
शीतल चीनी     100 ग्राम
आवला चुर्ण     100  ग्राम
तुलसी बीज     100  ग्राम
कीकर फली     100  ग्राम
सतावरी           100  ग्राम
बड़ दूध            100 ग्राम
सालम पंजा       100 ग्राम
सफेद मूसली    100  ग्राम
मिश्री              100  ग्राम

50 ग्राम मुलहठी, 25 ग्राम छोटी इलायची के बीज,
सभी लो मिलाकर चुर्ण बनाए।

कैसे सेवन करे।

दिन में 2 बार 1-1चमच्च पानी या कोसे दूध से ले।

*कम से कम 21 दिन कोर्स करे।*
*सपनदोष नही होगा*
*धातु रोग जड़ से खत्म होगा*
★★
परहेज :
        गर्म मिर्च मसालेदार पदार्थ और मांस, अण्डे आदि, हस्तमैथुन करना, अश्लील पुस्तकों और चलचित्रों को देखना, बीड़ी-सिगरेट, चरस, अफीम, चाय, शराब, ज्यादा सोना आदि बन्द करें।
ये उपाय पुराने से भी पुराने धात रोग को ठीक कर देता है!।
वीर्य गाड़ा हो sex timing 20 मिनट होगी।
धातु दवा online भी मंगवा सकते है।।

Whats करे    9417862263
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Saturday, 16 March 2019

पीलिया रोग की अयूर्वादिक दवा



        
       *पीलिया रोग की अयूर्वादिक दवा*


        *सिद्ध पीलिया नाशक कल्पचुर्ण*



*94178 62263 whats करे online मगवाएँ*

*खून की कमी औऱ अशुद्धि को करे 10 दिन में पूरा*

*पीलिया के प्रकार*
*पीलिया मुख्यत तीन प्रकार का होता है*
*जोकि इस प्रकार हैं – वायरल हैपेटाइटिस ए, वायरल हैपेटाइटिस बी तथा वायरल हैपेटाइटिस नान A व नान B।*
*यह दवा सभी प्रकार के पीलिया रोग में कारगर है*
       *(Online दवा मंगवा सकते हैं)*
*पीलिया नाशक कल्पचुर्ण नुस्ख़ा*
गिलोय 100 ग्राम
कलमी शोरा 50 ग्राम
आँवला 50 ग्राम
सोंठ 50 ग्राम
काली मिर्च 50 ग्रान
पीपर (पाखर) 30 ग्राम
हल्दी  30 ग्राम
मीठा सोडा 30 ग्रान
उत्तम लोहभस्म 50 ग्राम
मिश्री तांगा  100 ग्राम
*सभी को मिलाकर  200 ग्राम गिलोय रस में भावना दे।*
*दो आनी भार *(करीब 1.5 ग्राम आधा चम्मच)*जितना चूर्ण दिन में तीन बार शहद के साथ लेने से पीलिया का उग्र हमला भी 3 से 7 दिन में शांत हो जाता है।*
★★★
*परहेज और आहार*
*लेने योग्य आहार*
*सब्जियों का ताजा निकला रस (चुकंदर, मूली, गाजर, और पालक), फलों का रस (संतरा, नाशपाती, अंगूर और नीबू) और सब्जियों का शोरबा।*
ताजे फल, जैसे सेब, अन्नानास, अंगूर, नाशपाती, संतरे, केले, पपीता, आदि। खासकर अन्नानास विशेष रूप से उपयोगी होता है।
पीलिया के उपचार हेतु जौ का पानी, नारियल का पानी अत्यंत प्रभावी होते हैं।
*नीबू के रस के साथ अधिक मात्रा में पानी पीने से लिवर की क्षतिग्रस्त कोशिकाओं की रक्षा होती है।
पीलिया की चिकित्सा हेतु लिए जाने वाले प्रभावी आहारों में फलों के रस का विशेष स्थान है। गन्ने, नीबू, मूली, टमाटर आदि का रस लिवर के लिए अत्यंत सहायक होता है।*
*आँवला भी विटामिन सी का उत्तम स्रोत है। आप अपने लिवर की कोशिकाओं को स्वच्छ करने हेतु कच्चा, धूप में सुखाया हुआ या रस के रूप में आँवला ले सकते हैं।*
अनाज जैसे ब्रेड, चपाती, सूजी, जई का आटा, गेहूँ का दलिया, चावल आदि कार्बोहायड्रेट के बढ़िया स्रोत हैं और पीलिया से पीड़ित व्यक्ति को दिये जा सकते हैं।
●●●
*इनसे परहेज करें*
तले और वसायुक्त आहार, अत्यधिक मक्खन और सफाईयुक्त मक्खन, माँस, चाय, कॉफ़ी, अचार, मसाले और दालें आदि
सभी वसा जैसे घी, क्रीम और तेल।
★★★
कुछ अचूक नुस्खे जिससे आपको पीलिया के इलाज में मदद मिलेगी ।
*गन्ने का रस*
गन्ने का रस दिन में कई बार पीना चाहिये। पीलिया के रोग में यह अमृत है। गन्ने के रस का सेवन करने से पीलिया बहुत ही जल्दी ठीक हो जाता है।
*छाछ*
पीलिया के रोग में 1 ग्लास छाछ रोज़ाना पीनी चाहिये। इसमें काली मिर्च का पाउडर मिलाकर पीने से इसका गुण और भी बढ़ जाता है और यह कुछ ही दिनों में पीलिया के रोग को समाप्त कर देता है।
*प्याज़ से इलाज*
प्याज़ पीलिया में बहुत ही लाभदायक होती है। प्याज़ को काट लीजिये और नीबू के रस में कुछ घंटों के लिये भिगो दीजिये। कुछ घंटों बाद इस प्याज़ को निकाल लीजिये। इसे नमक और काली मिर्च लगाकर मरीज को खिला दीजिए। दिन में 2 बार इस प्याज़ को खाने से पीलिया बहुत ही जल्दी दूर हो जाता है।
*फ्रूट्स*
फलों में तरबूज और खरबूजा दोनों ही पीलिया में बहुत लाभदायक हैं। इन्हें अच्छी मात्रा में खाना चाहिये। इससे पीलिया का रोग बहुत जल्दी ठीक हो जाता है।
*निम्बू का रस*
लिवर के सेल्स की सुरक्षा की दॄष्टि से दिन में ३-४ बार निंबू का रस पानी में मिलाकर पिएं। कुछ ही दिनों में आप खुदको पीलिया से छुटकारा मिलता है महसूस करेंगे।
*मूली के पत्ते*
मूली के हरे पत्ते पीलिया के इलाज में बेहद लाभदायक होता है। पत्ते पीसकर रस निकालकर छानकर पीना उत्तम है। इससे भूख बढेगी और आंतें साफ होंगी। और आप पाएंगे पीलिया से छुटकारा।
*टमाटर का रस*
टमाटर का रस पीलिया में लाभकारी है। रस में थोड़ा नमक और काली मिर्च मिलाकर पीयें।
*खास एहतियात बरतें*
स्वास्थ्य सुधरने पर एक दो किलोमीटर घूमने जाएं और कुछ समय धूप में रहें। भोजन में उन चीजों को शामिल करें  जिसमें पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, विटामिन सी, विटामिन ई और विटामिन बी काम्पलेक्स मौजूद हों। पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद भी भोजन के मामले में लापरवाही न बरतें। वर्कआउट खूब करें और स्वच्छता से रहें हेल्दी चीजें खाएं।
*पीलिया में इनका सेवन न करें*
सभी वसायुक्त पदार्थ जैसे घी ,तेल , मक्खन ,मलाई कम से कम १५ दिन के लिये उपयोग न करें। इसके बाद थोड़ी मात्रा में मक्खन या जेतून का तैल उपयोग कर सकते हैं।
*दाल खाने से बचें,  क्योंकि दालों से आंतों में फुलाव और सडांध पैदा हो सकती है।*
     ■हम आप की सेवा में है■
         ◆ किसी भी शरीरक  स्मयसा के लिए◆
          ●निशुल्क सिद्घ अयूर्वादिक सलाह ले●
                 Whats 94178 62263


सर्दी नाशक कल्पचुर्ण

 




       जिदी जुकाम ,कफ़ खाँसी और
           बुखार की रामबाण दवा
          *सर्दी नाशक कल्पचुर्ण*



     *सर्दी की करे छूटी 10मिनटों में*
*घर रखें सदा डॉक्टर के पास जाने की 
         नही होगी जरूरत*।

ऑनलाइन मगवाएँ whats 94178 62263

नुस्खा -सिद्ध सर्दी नाशक कल्पचुर्ण

गिलोय चूर्ण 100 ग्राम
आंवला चूर्ण 100 ग्राम
छोटी हरड़ 100 ग्राम
तुलसी पाचांग-100 ग्राम
चरायता चूर्ण 50 ग्राम
अजमायण-50 ग्राम
हींग -20 ग्राम(भूनी हुई)
शिलाजीत -20ग्राम
मलॅठी-20 ग्राम
सौंठ-20 ग्राम
काली मिर्च -10 ग्राम
सभी  चूर्ण को मिलाकर रख ले ।
दिन मे 4 बार  2-2 ग्राम  3-3 घंटे बाद लेते रहे ।
3 दिन पूर्ण आराम जरूर करे।

★★★
साथ में काढ़ा जरूर ले★काढ़ा कैसे बनाए★
6 ग्लास पानी लेकर आग पर रख दे।उसमे नीचे लिखी सामग्री डाले।

★ गिलोय हरी 100 ग्राम
★किसमिश 10 पीस
★छुहारे 5 पीस
★तुलसी पत्ते 50 पीस
★पपीता पत्ता 1पीस
★शहद 5 चम्मच

*सभी सामग्री को तब तक उबाले जब तक आधा न रह जाए।

3 ग्लास बाकी बचा काढ़ा ठण्डा होने पर
1 ग्लास सुबह
1 दुपहरी
1 शाम को ले।

यह क्रिया 3 दिन लगातार करे।

इस अयूर्वादिक दवा और काढ़े के फायदे जाने।
गले में खराश, खांसने पर भी बलगम नहीं निकल सकता, छाती में दर्द और टीस महसूस होना, बलगम बाहर नहीं आ पाता और रोगी को सटकना पड़ता है, खांसी के साथ कूल्हे में भी दर्द, अत्यधिक बोलने अथवा गाने के कारण गले में खराश, दर्द, बिस्तर की गमीं से एवं शाम के वक्त अधिक परेशानी, ठंडा पानी पीने से आराम मिले, तो साथ ही इसमें रोगी को बार-बार पेशाब जाना पड़ता है और खांसते समय अपने आप ही पेशाब निकल जाता है, सांस अंदर खींचने में अधिक परेशानी होती है।

छाती में लगातार दर्द, जरा-सा हिलते ही छाती में जकड़न, कर्कश आवाज के साथ सूखी खांसी, गहरी व तेज सांसें, सांस छोड़ने पर परेशानी बढ़ती है, खांसने में अधिक शक्ति खर्च करनी पड़ती है, आधी रात के बाद अधिक परेशानी होती है। ठंडी, सर्दीली हवाओं से हो गई हो, तो

सूखी, तीव्र खांसी, खांसते-खांसते मरीज उठकर बैठ जाता है, गर्म कमरे में आने पर अथवा कुछ खाने-पीने पर अधिक खांसी, ऐसा लगना जैसे छाती फट जाएगी, खांसते समय रोगी छाती को हाथों से जकड़ लेता है, हिलने-डुलने-बैठने से परेशानी बढ़ जाती है,
खांसते समय सिर में भयंकर पीड़ा, जैसे सिर फट जाएगा, रोगी दर्द से चिल्ला उठता है और दोनों हाथों से सिर पकड़ लेता है। साथ ही पेशाब की थैली, घुटनों और पैरों में भी खांसते समय दर्द होता है, दर्द के कारण रोगी लेट जाता है,

• यदि बलगम के साथ खांसी आए और बलगम में तीव्र बदबू हो, जिससे रोगी भी परेशान हो

• यदि लंबे अर्से से ऐंठन के साथ बलगमयुक्त खांसी हो, जिसमें खून भी आता हो,

• यदि बलगम अत्यधिक हो और ऐसा लगे,जैसे पूरी छाती इससे भरी हुई है,बलगम की वजह से सीटी जैसी आवाजें सुनाई पड़ती हों, सांस लेने में तकलीफ हों,

• यदि खांसी बहुत जिद्दी हो अर्थात किसी दवा से फायदा न हो रहा हो एवं खांसने में बाई छाती से बाएं कंधे तक दर्द हो और प्राय:सूखी खांसी हो,
• यदि काली खांसी हो और खांसने पर तेज आवाज हो, अधिक जोर लगाना पड़े और लगातार खांसी के दौरे उठते रहें,
यदि खांसी बलगम के साथ हो, रात में बढ़ जाए, झागदार बलगम हो,
• यदि खांसी तुरही अथवा दुंदुभि जैसी आवाज के साथ हो, गले में रूखापन एवं दर्द हो, छाती की मांसपेशियों में अधिक खिंचाव हो,

इन सभी लक्ष्यण में यह दवा रामबाण है।

किसी भी शरीरक  स्मयसा के लिए  contact करे।
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Online सिद्ध आयुर्वेदिक दवा कैसे मगवाएँ

  •  Online सिद्ध आयुर्वेदिक दवा कैसे  मगवाएँ

  *सभी सिद्ध अयूर्वादिक दवा लिस्ट*

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तुरंत आप को जवाब मिलेगा।


■■■
गर्भधारण कल्पचुर्ण

300 ग्राम  1050 रुपये।
कायाकल्प चुर्ण 200 ग्राम 325

टोटल 1375
 दोनों चूर्ण कब औऱ कैसे उपयोग करे

             *कायाकल्प चूर्ण*
कायाकल्प चूर्ण कैसे और कब उपयोग करे-

मासिक धर्म से 15 दिन पहलह्े कायाकल्प चूर्ण सुबह खाली पेट औऱ रात को सोते समय गर्म पानी से इस्तेमाल करे।

कायाकल्प चूर्ण क्यों इस्तेमाल करे-
 कायाकल्प चूर्ण मासिक धर्म की हर समस्या सही करेगा।
जैसे :-
बंद ट्यूब, गर्भाशय की सफाई, कमजोरी औऱ गर्भशय की गांठ आदि को ठीक करेगे।

★★★
       सफ़ेद दाग  मूल्य

वजन 400 ग्राम
मूल्य 860
डाक खर्च ताहित (पार्सल रेट)
Speed post 960 रुपये
50 दिन दवा
★★
सिद्ध शीतल कल्पचुर्ण
400 ग्राम
750 रुपए with डाक खर्च।
30 दिन की दवा
★★★
सिद्ध पाचन कल्पचुर्ण

वजन 500 ग्राम
मूल्य 600  रुपये
40 दिन की दवा
डाक खर्च समेत
◆◆◆




साइनस की दवा
सिद्ध कफ़ कल्पचुर्ण
200 ग्राम 600 रुपये
डाक पार्सल समेत
★★




पीलिया रोग की  आयुर्वेदिक दवा
पीलिया नाशक कल्पचुर्ण

वजन 400 ग्राम र 1050 डाक पार्सल free
21 दिन की दवा
★★
■ह्रदय रोग और बढ़े कालेस्ट्राल की दवा
40 दिन की दवा 400 ग्राम 1050 रुपये
with कोरियर
★★★

■.बढ़े लिवर, फेंटी लिवर में रामबाण दवा
     ★सिद्ध  लिवर क्ल्पचुर्ण ★


300 ग्राम 750 रुपये with कोरियर
30 दिन की दवा है।
★★★



सिद्ध वातदर्द क्ल्प चुर्ण
300 ग्राम दवा 600 रुपये
500 ग्राम 1000 रुपये
1kg 1800 रुपये
30 दिन की दवा
डाक पार्सल फ्री
★★★


शरीरिक बलवर्धक चुर्ण
400 ग्राम 1050 रुपये
40 दिन की दवा
★★★



शुगर की कामयाब दवा
सिद्ध मधुमेह कल्पचुर्ण

500 ग्राम दवा 850 रुपये
40 दिन की दवा
डाक पार्सल फ्री
★★★


खून शुद्धि की अयूर्वादिक दवा
300 ग्राम 750 रुपये
30 दिन की दवा
डाक पार्सल फ्री
★★★


.अधरंग, पक्षाघातकी अयूर्वादिक दवा
लकवे की दवा
400 ग्राम 1260  (आप के लिए 1050)
आयल 200 ग्राम 570 रुपये
★★


शुगर रोगी के लिए
कामक्ल्प चुर्ण
400 ग्राम 1260
★★★
सिद्ध बुद्धिवर्धक चूर्ण

400 ग्राम 1050


"★★★


एक्जिमा और  सोरसिस दवा

सिद्ध त्वचा कल्पचुर्ण

*वजन 400 ग्राम*
*मूल्य 1050 रुपये*
*सिद्ध त्वचा रोग नाशक क्रीम*
          *वजन 100 ग्राम*
           *मूल्य 250 रुपये*
     *Speed पोस्ट 105 डाक खर्च*
      *टोटल 1455 रुपये जमा होंगे।*

                 *30 दिन की दवा

★★
पुराना सिर दर्द नुस्खा
100 ग्राम 300 रुपये
★★
■ई
पीरियड की कैसी भी समस्या हो
*नारी समस्या निदान कल्पचुर्ण*
200 ग्राम 550 रुपये
★★
मोटापा कम करने का योग
मोटापा नाशक कल्पचुर्ण
500 ग्राम 860 रुपये
1 kg  1500 रुपये
सभी दवा का डाक खर्च साथ ही है।
★★★
■  
सिद्ध कफ़ चुर्ण
300 ग्राम 750 रुपये
★★★
कायाकल्प चुर्ण 500 ग्राम 700 रुपये।
★★
खून शुद्वि की दवा
सिद्ध खून शुद्वि कल्पचुर्ण
300 ग्राम 750 रुपये
★★
  बुखार की दवा
    *सिद्ध ज्वर नाषक कल्पचुर्ण*
200 ग्राम दवा 400 रुपये with
कोरियर खर्च
◆◆
सिद्ध नाड़ी दुर्बलता कल्प चूर्ण
400 Gram 1050 रुपये
★★
■ त्वचा कल्पचुर्ण
दाद खाज खुजली के लिए।
300 ग्राम
750 रुपये
***
■■■
कैंसर की दवा
सिद्ध कैंसर नाशक कल्पचुर्ण
40 दिन की दवा
वजन 400 ग्राम
मूल्य 1050 रुपये सिद्ध आयुर्वेदिक
■■■
सिद्ध शक्तिवर्धक कल्पचुर्ण
300ग्राम -1550 र
30 दिन की दवा
वजन 400 ग्राम
मूल्य 2050
40 दिन की दवा with डाक खर्च।
सेवन विधि
सुबह शाम शाम खाने के 1घंटे के बाद मीठे दूध से ले।
नोट- सूगर के मरीज न ले।
धातु ,शक्राणु, मर्दाना और शीघ्रपतन की यह रामबाण दवा है।
*20 मिनट सफल  संभोग क्रिया*
*पेशाब में गर्मी की जलन, गर्मी कारण इंफेक्शन जड़ से खत्म होगी।*
*सपनदोष नही होगा*
*धातु रोग जड़ से खत्म होगा*
नोट
* सिद्ध शक्तिवर्धक कल्पचुर्ण के साथ शिश्न की लगातार मालिश जरूर करे*
नारियल तेल 100 ml
काला तिल तेल 50 ml
बादाम तेल      25 ml
इतर गुलाब  5ml
दोनों को मिलाकर 10 मिनट सुबह 10 मिनट शाम को शिश्न की मालिश जरूर करे।
शिश्न नाड़ियों की कमजोरी दूर होगी
हमारी गरंटी होगी।
■■■
लकोरिया और धातु की दवा
सिद्ध धातु पुष्टि कल्पचुर्ण
वजन 300 ग्राम
मूल्य 1050
★★
नोट
दवा डाक से जाएगी।
डाक खर्च साधारण जोड़ा हुआ है।
पर
Speed post का 4 अलग से होगा।
अपना पता साफ साफ लिखे।
आप को पहले अकाउंट मे
दवा की राशि जमा रकरानी होगी ।
फिर आप को दवा कोरियर होगी ।
हमारा अकाउंट है है -:
*Paytm9417862263*
Swami veet das c/ ranjit Singh
*State bank of india*
*A/c -65072894910*
Ranjit Singh
Bank code -50966
*Ifsc code -sbin0050966*
Sarhind barach
Fatehgarh sahib (punjab )   

★★★
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अपना पता साफ साफ लिखे।
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Sarhind barach
Fatehgarh sahib (punjab )